एक बड़े डिस्काउंट स्टोर को कागज़ या अंदाज़े के भरोसे नहीं चलाया जा सकता। इन्वेंटरी से जुड़ा POS सिस्टम उसका धड़कता दिल है: यह हर बिक्री दर्ज करता है, स्टॉक को तुरंत घटाता है, और दिखाता है कि क्या ख़त्म हो रहा है और क्या जमा होता जा रहा है। यहाँ हम दिखाते हैं कि यह सिस्टम कैसे वह दिमाग़ बन जाता है जो पूरे स्टोर को पल-पल देखता है, और रोज़ के हज़ारों लेनदेन को सटीक फ़ैसलों में बदल देता है।

पूरा लेख जल्द ही आएगा, ईश्वर ने चाहा तो। यह लेख Origami ब्लॉग पर हमारी "तकनीक का पूरा लाभ उठाएँ" सीरीज़ के भीतर "Q: कामकाज का दिमाग़" सीरीज़ का हिस्सा है।